
Hindi Literature
Hindi literature forms another important area of focus for Dharma For Life. Literature plays a powerful role in reflecting the realities of human life while also exploring deeper philosophical and spiritual truths. Through stories, poetry, and reflective writing, Hindi literature offers a grounded understanding of life’s complexities—revealing both its challenges and its deeper spiritual dimensions.
Recognising this important role, Dharma For Life promotes Hindi literary engagement through discussions, writing initiatives, and collaborations with literary organisations. The organisation also plans to host book discussions and conversations with prominent Hindi authors to encourage dialogue around literature, philosophy, and culture.
Hindi Literature Team

Mrs. Kiran Yadav
Vertical Head
किरण यादव समकालीन हिन्दी साहित्य की सक्रिय कवयित्री और ग़ज़लकार हैं। इनका जन्म 1 जनवरी 1980 को हरियाणा के ज़िला गुरुग्राम में हुआ तथा वर्तमान में दिल्ली में निवास करती हैं। कविता, ग़ज़ल और नज़्म के क्षेत्र में इनकी रचनात्मक उपस्थिति उल्लेखनीय है। इनकी प्रमुख प्रकाशित कृतियों में अंतर्यात्रा (कविता-संग्रह), यादों के किनारे (कविता-संग्रह, हिन्दी अकादमी द्वारा चयनित), सागर ख़ुश है (ग़ज़ल-नज़्म संग्रह), मौसम बहारों का (काव्य-संग्रह) तथा प्रार्थनाओं की चिट्ठियाँ (ग़ज़ल-नज़्म संग्रह) बदलते मौसम ( कविता संग्रह) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त पाँच साझा काव्य-संकलनों में भी इनकी रचनाएँ प्रकाशित हो चुकी हैं। राष्ट्रीय स्तर की अनेक प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में इनकी कविताएँ और ग़ज़लें प्रकाशित होती रही हैं। इनकी कई रचनाओं का अंग्रेज़ी, पंजाबी और उर्दू भाषाओं में अनुवाद भी किया गया है। आकाशवाणी रेडियो, उर्दू अकादमी दिल्ली, संसद टेलीविज़न तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों के साहित्यिक कार्यक्रमों में भी इनकी सक्रिय भागीदारी रही है। वर्तमान में किरण यादव निरंतर स्वतंत्र लेखन में संलग्न हैं।

Dr. Vishal Pandey
विशाल पाण्डेय ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा जन्मस्थान गोरखपुर से और उच्च शिक्षा दिल्ली विश्वविद्यालय से पूरी की है। विशाल ने दिल्ली विश्वविद्यालय से "भोजपुरी लोकगीतों में रामकथाओं के स्वरूप का अध्ययन" विषय पर पी. एच. डी. की है।कथाओं के देश में, कितनी गिरहें खोली हैं मैंने, लाज रखो गिरधारी, वनांचल में राम, अंतरंग कथाएं बहिरंग संसार आपकी मुख्य पुस्तकें हैं।विशाल को स्पंदन युवा सम्मान 2024 से सम्मानित किया गया है। विशाल साहित्य , संस्कृति एवं कला के मंच "कस्तूरी" के संस्थापक एवं सचिव हैं। तथा भारतीय शिक्षा बोर्ड, भारत सरकार में हिंदी पाठ्यक्रम निर्माण समिति के विशेषज्ञ हैं।
