क्रोध हो या मान
लोभ हो या माया
धीमी आँच.
दूर हो या पास
भूख हो या प्यास
धीमी आँच.
जीवन को सरल बनाना है
मुस्कराते हुए बिताना है
तो, धीमी आँच.
जैसे धीमी आँच पर पका भोजन है बेहतर
वैसे धीमी आँच पर जिया गया जीवन है परिपक्व
आओ, करें धीमी आँच.
Have a great day friends!!!
Medhavi :-)
लगभग दो महीने पहले एक शाम मिर्ज़ापुर से फ़ोन आया. फ़ोन पर दूसरी ओर श्रीमती पूजा गुप्ता जी की मधुर एवं सधी हुई आवाज़ थी जो मेरी लेखनी की भूरी भूरी प्रशंसा से युक्त थी. मैं अचंभित थी कि आख़िर मेरी पुस्तकें उ
During her family life often she invests too much of herself into all the relationships, be it emotions, feelings, or physical devotion. Women spend more time at home & hence with their children & hus
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