Skip to content Skip to sidebar Skip to footer

A Sarcastic Poetry on Death

Hello friends, Recently I've heard of a few deaths and also I have been to some uthaavanis. My observations have made me write this poetry. Nothing personal. हालाँकि स्वयं का जन्म और मृत्यु तुम्हारे हाथ नहीं किन्तु सुनो, अपनी मृत्यु की प्रार्थना लिस्ट में ये कुछ इच्छाएँ भी शामिल कर लेना क्या पता सुन ही ली…

Read more

A poem dedicated to Indian housewives

कमाल है, उसकी वजह से घर, घर होता है उस संग जागता, उस संग ही सोता है वह घर के कण-कण में रहती है फर्नीचर, पर्दों, रसोई के बर्तनों में बसती है फिर भी अपने वजूद को सबमें तलाशती है सबकी आँखों में अपने व्यक्तित्व की पुष्टि चाहती है ओ गृहणी आख़िर तू ऐसी क्यों…

Read more

A Tribute to The Modern Indian Girl

Hi friends, Some recent observations about the urban Indian girls made me write these lines. Despite all the conditioning of mind, through families, relatives & society; she is confident, fearless & ready to face the world. Enjoy reading. वह आज की युवा लड़की: - जो गालियों का उपयोग धड़ल्ले से करती है. - जो किसी के…

Read more